केदारघाटी में बारिश ने खोल दी सड़कों की पोल! राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई ग्रामीण सड़कें बन्द..

केदारघाटी में बारिश ने खोल दी सड़कों की पोल! 
केदारघाटी
कैलाश सिंह के साथ हरीश चन्द्र। 
रूद्रप्रयाग। केदारघाटी में बीते रोज हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों की पोल खोलकर रख दी है, जगह-जगह पर भूस्खलन होने से लोगों का जनजीवन बेहद प्रभावित हो रहा है, एक ओर आसमानी आफत बरस रही है तो वहीं दूसरी ओर जगह-जगह भूस्खलन होने से आम जनता भयभीत है, लोग जहाॅ तहां घंटोें फसें हुए है फिर चाहे ग्रामीण सड़के हो या राष्ट्रीय राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग में आॅल वेदर की कटिंग के दौरान जहां नए भूस्खलन क्षेत्र नासुर बने हुए हैं वही ग्रामीण क्षेत्रों में भी मानसून से पहले भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सम्बन्धित विभागों ने कोई प्लान ही नही बनाया, जिसका खामियाजा आम लोगों से लेकर तीर्थयात्री भुगत रहे हैं।  


केदारघाटी मे कल देर रात तक हुई बारिश ने भारी नुकसान हुआ है, केदारनाथ हाईवे पर बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो गया है, जिस कारण हाईवे पुनः बंद हो गया है। सैकड़ों यात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के कारण आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। केदारनाथ यात्रा भी बारिश के कारण बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। केदारनाथ हाईवे काकड़ागाड, बांसबाड़ा, डोलिया देवी, सेरसी मे बंद हो गया। मुनकटिया मे भी लगातार पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। लेकिन भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। 
बारिश ने खोल दी सड़कों की पोल
हालांकि हाईवे को खोलने का प्रयास तो किया जा रहा है, लेकिन पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने के कारण हाईवे को खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। आये दिन केदारनाथ हाईवे के जगह-जगह बंद होने से केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्रियों के साथ ही केदारघाटी की जनता की परेशारियां बढ़ गयी हैं। वहीं दूसरी कालीमठ क्षेत्र मे आवाजाही बंद हो गयी है ऊखीमठ मोटरमार्ग भी चुन्नी बैंड व जैबरी के समीप पुस्ता ढहने व भारी मलबा आने से बंद हो गया है दोनो ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है।


ऊखीमठ चुन्नी मोटर मार्ग के निचले हिस्से का पुस्ता टूटने से मोटर बाधित पड़ा है, मोटर मार्ग बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी हैं, तहसीलदार जयबीर राम बधाणी का कहना है कि मोटर पर एनडआरएफ व पी डब्लू डी विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग खोल दिया है। लेकिन अभी भी मार्ग में भूस्खलन का खतरा मड़रा रहा है ऐसे में वाहन चालक को जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। 
वही पूर्व प्रधान ऊखीमठ जगदीश लाल का कहना है मानसून से पहले सम्बन्धित विभागों के द्वारा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर भूस्खलन को रोकने के लिए कोई इन्तजाम नही किए, वैसे प्राकृतिक आपदा को रोका तो नही जा सकता लेकिन अगर समय रहते इन्तजाम किए जाते तो इसका असर कम जरूर किया जा सकता था। ऐसे में जगह जगह पर भूस्खलन से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं और ऊखीमठ ब्लॉक के अंतर्गत पड़ने वाले ज्यादातर मोटर मार्ग सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिन्तनीय हो चुके हैं। 

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