29 अक्टूबर प्रातः 8.30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे बाबा केदारनाथ के कपाट
मुख्य बातें-
- श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में आयोजित समारोह में हुई घोषणा
- श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 21 नवंबर को प्रात बंद होंगे।
- 24 नवंबर को मद्महेश्वर मेला
- श्री तुंगनाथ जी के कपाट 6 नवंबर को प्रात 11.30 बजे बंद होंगे।
उखीमठ। 8 अक्टूबर। इस यात्रा वर्ष ग्यारहवें ज्योर्तलिंग भगवान केदारनाथ जी के कपाट 29 अक्टूबर को प्रात 8 .30 बजे भैयादूज के अवसर पर बंद होंगे। श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा आयोजित समारोह में धर्माचार्यों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में तिथि का ऐलान किया गया।
इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट शीतकाल हेतु 21 नवंबर प्रातः बजे बंद होंगे। डोली इसी दिन प्रथम पड़ाव गौंडार पहुंचेगी, 22 नवंबर को राकेश्वरी मंदिर रांसी तथा 23 नवंबर को गिरिया प्रवास 24 नवंबर शीतकाल गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। 24 नवंबर को उखीमठ में भब्य मद्महेश्वर मेला आयोजित होगा। तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु 6 नवंबर प्रातरू 11.30 बजे को बंद हो जायेंगे। इसी दिन उत्सव डोली चोपता पहुंचेगी। 7 नवंबर को भनकुन प्रवास 8 नवंबर शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंचेगी।
श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में आयोजित समारोह में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री, कार्याधिकारी एन.पी.जमलोकी, मंदिर सुपरवाइजर पुजारी शिवशंकर लिंग, अभ्युदय जमलोकी, आचार्य हर्ष जमलोकी, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, पंचगाई प्रतिनिधि शिवानंद पंवार, पं. सत्य प्रसाद सेमवाल,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वचन सिंह रावत, वरिष्ठ सहायक प्रेम सिंह रावत, देवानंद गैरोला, विदेश शैव नवीन शैव , देवी प्रसाद तिवारी, भगवती शैव,मनीष तिवारी, आदि मौजूद रहे। जबकि श्री तुंगनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में आयोजित समारोह में मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, बलबीर नेगीआदि मौजूद रहे।

