बद्रीनाथ- 17 नवम्बर को होंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद..
मुख्य बातें-
- 17 नवम्बर को सांयकाल 5 बजकर 13 मिनट पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट होंगे बंद।
- इस वर्ष अबतक करीब 11 लाख रिकार्ड श्रद्धालुओं ने किए भगवान बद्रीविशाल के दर्शन।
- प्राचीन काल से ही विजयदशमी के दिन होती है कपाट बन्द होने की तिथि की घोषणा।
चमोली। हिन्दुओं के सर्वोच्च धाम व करोड़ों हिन्दुओं के आस्था के प्रतीक आदिधाम श्री बद्रीनाथ के कपाट 17 नवम्बर को विधिविधान के साथ शीतकाल के लिए भक्तों के बंद हो जायेगे, प्राचीन काल से ही विजयदशमी के दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बन्द होने की तिथि घोषित की जाती है, ऐसे में आज विजयदशमी के दिन प्राचीन परम्परा के अनुसार भगवानी बद्रीनाथ के कपाट बन्द होने की तिथि विधिवत रूप से घोषित की गयी।
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| फोटो- कपाट बंद होने की तिथि निकालते बद्रीनाथ रावल व मंदिर समिति के पदाधिकारी। |
जैसा कि आप जानते ही होंगे कि उत्तराखण्ड़ के चार धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमनोत्री गंगोत्री व बद्री-केदार मंदिर समिति से जुडे कई मंदिरों जैसे तुंगनाथ, मद्यमेश्वर के कपाट शीतकाली में हिमालय में होने वाली भारी बर्फबारी से पहले बंद कर दिए जाते हैं, और एक वर्ष फिर निश्चित समय पर सभी धामों के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं, मान्यता है कि शीतकाल के दौरान स्वमं देवताओं द्वारा आदिधाम में भगवान बद्रीनाथ की पूजा अर्चना की जाती है।
बद्रीकेदार मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी हरीश चन्द्र गौड़ द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस वर्ष 17 नवम्बर को सांयकाल 5 बजकर 13 मिनट पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट देश-विदेश के करोड़ों भक्तों के लिए शीतकाल के लिए बंद कर दिए जायेंगे, वैसे यात्रा के लिहाज से देखा जाए तो चारों धामों में इस साल रिकाॅर्ड तीर्थयात्रीयों ने दर्शन किए है, बद्रीनाथ धाम में इस यात्राकाल में करीब 11 लाख श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं वही बाबा केदार में भी पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए करीब साढे 9 लाख तीर्थयात्रीयों ने दर्शन किए हैं, वही गंगोत्री धाम में करीब 6 लाख और यमनोत्री धाम में करीब 5 लाख रिकार्ड तीर्थयात्रीयों ने दर्शन किए, जबकि अभी भी यात्रा का समय बचा हुआ है, ऐसे में इस वर्ष की चारधाम यात्रा एतिहासिक रही।

