हरीश थपलियाल।
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ तहसील अंतर्गत बड़ेथी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा नागणी सौड़ में शिफ्ट हो रही है, जिसका स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया है।। ग्रामीणों ने गंगोत्री हाइवे पर सांकेतिक चक्का-जाम किया, साथ ही बड़ेथी बाजार में बैंक प्रबंधन एवं जिला प्रशासन का विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की।।। ग्रामीणों ने बैंक को अपने स्थान पर ही रखने की मांग की है। इस इलाके में बिष्ट, हातड़,गमरी पट्टी के दर्जनों गांवों के लोग बैंक से जुड़े है, जो इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं।
गुरुवार को क्षेत्र के लोग बड़ेथी में एकत्र हुए। जहां ग्रामीणों के विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस बल पहले से ही तैनात था। ग्रामीणों ने गंगोत्री हाइवे पर चक्का-जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने नही दिया। मौके पर खुद थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल भी मौजूद थे। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रेम लाल भट्ट व समाजसेवी सुमन बडोनी के नेतृत्व में वहां पहुंचे लोगों ने बैंक व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उन्होंने क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि बैंक प्रशासन ने एडीएम,एसडीएम के आदेश भी नही माने और बैंक दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि वे बैंक से अपने खाते हटा देंगे। वर्तमान में एसबीआई की बड़ेथी शाखा में 5600 खातेधारक हैं। ऐसे में यदि बैंक शिफ्ट होगा तो क्षेत्र के सीनियर सिटीजन, बुजुर्गों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मौके पर पँहुचें एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि बड़ेथी एसबीआई स्थानान्तरण मामले पर आगामी 3 अक्टूबर को बैंक प्रबंधन, प्रशासन, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के बीच एक बैठक रखी गई। जनहित को देखते हुए बैंक शिफ्टिंग का हल निकाला जाएगा। बहरहाल ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है।
वरिष्ठ नागरिक चिरंजी लाल बडोनी, भाजपा नेता डॉ राजेंद्र प्रसाद जोशी,गोपाल रावत मनोज कोहली, डॉ विजय बडोनी,व्यपार मंडल अध्यक्ष राकेश मेहरा, सुमित डोडी, अनिल अरोड़ा, प्रवेन्द्र बडोनी आदि लोगों ने एसबीआई के एजीएम दुर्गा प्रसाद भट्ट पर आरोप लगाते हुए कहा की बैंक शिफ्टिंग पर एजीएम की मिलीभगत है। साथ ही कहा की इसके लिए 15 हजार की रकम भी ली गई है। साथ गणमान्य लोगों ने बताया कि 80 के दशक स एसबीआई की यह शाखा संचालित हो रही है। सबसे अहम बात ये की जब शाखा बड़ेथी के नाम पर संचालित हो रही है तो नागणी सौड़ ले जाने क्या औचित्य है। साफ जाहिर हो रहा है की दाल में कुछ काला है। ग्रामीणों का ये भी कहना है की हमे किसी भी हद तक जाना पड़े मगर बैंक बड़ेथी बाजार में ही संचालित होगा ? मिलीभगत मामले पर एजीएम का पक्ष जानने के लिए हमने उनसे दूरभाष पर संपर्क किया मगर एजीएम साहब का फोन न उठा ?

