बजट ठिकाने लगाने की जुगत में विद्युत विभाग रूद्रप्रयाग! नदी में लगा रहे बिजली के खम्बे..

बजट ठिकाने लगाने की जुगत में विद्युत विभाग रूद्रप्रयाग! नदी में लगा रहे बिजली के खम्बे..
सत्यपाल नेगी/रूद्रप्रयाग। 
रूद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में विकास कार्यो के लिए तो लाखों बजट आता है और अगर ये बजट सही मायनों में जांच पड़ताल के बाद धरातल पर लगे तो जिला मुख्यालय की तस्वीर भी बदल सकती है, लेकिन हकीकत धरातल पर कुछ और ही देखने को मिलती है, ताजा मामला विद्युत विभाग रूद्रप्रयाग से जुड़ा हुआ है जो कि अलकनन्दा और मंदाकिनी नदी को रात्री रिवर व्यू के बनी लाखों की योजना में दोनों नदियों के जलस्तर की परिधि के अन्दर ही बिजली के खम्बे लगा रहा है, ये मालूम होते हुए भी कि अगली बरसात में  योजना के अर्न्तगत लगे ये खम्बे बह जायेंगे, अब इसे बजट ठिकाने लगाने की रणनीति न कहें तो क्या कहें। 


विद्युत विभाग रूद्रप्रयाग
फोटो- जलस्तर के करीब लगाये जा रहे विद्युत विभाग के पोल। 
रूद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में ऐसा पहली बार नही हो रहा पहले भी नमामि गंगे योजना से अलकनन्दा नदी के किनारे बने करोड़ों के घाट कर वर्ष बरसात में क्षतिग्रस्त होते हैं और हर वर्ष इन घाटों की रिपेयरिंग पर नया बजट लगाना पड़ता है, ऐसे में अब विद्युत विभाग भी इन्ही पदचिन्हों पर चलने लगा है, विद्युत विभाग द्वारा रूद्रनाथ मंदिर के नीचे संगम पर बीएचईएल की सीएसआर मद से 19 लाख की लागत से रात्री रिवर व्यू के लिए योजना बनायी गयी है, लेकिन इस योजना में जो विद्युत खम्बे लगे हैं वो नदी के इतने करीब हैं कि अगली बरसात में उनका बहना लगभग तय है। जहॉ ये खम्बे लगाये गये हैं उससे करीब 8 मीटर ऊपर इस बरसात में पानी आया था ऐसे में आप खुद ही कल्पना किजिए कि आने वाली बरसात में इस योजना का क्या होगा, लेकिन सबकुछ जानने व समझने के बाद भी अगर ऐसा किया जा रहा है तो सवाल उठना लाजमी है। 


क्या कहते हैं स्थानीय सभासद व अधिकारी 
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बिजली विभाग के अधिकारी जानबूझ कर योजना के खम्बों को इतने नीचे लगा रहे हैं ताकि वह बह जाएं वह अगली बार फिर योजना के लिए बजट लाया जा सके, हमने विभाग के अधिशासी अधिकारी से मौके पर ही आपत्ति भी की थी लेकिन उन्होने हमारी एक नही सुनी, जबकि इन खम्बों को लगाने के लिए कई अन्य उपयुक्त जगह भी नदी किनारे मौजूद हैं लेकिन सबकुछ जानबूझ कर किया जा रहा है। 
- सुरेन्द्र सिंह रावत, स्थानीय सभासद।  
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जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग के अथक प्रयासों के बाद बीएचईएल की सीएसआर मद से 19 लाख रूपये की लागत से रात्री में अलकनन्दा व मंदाकिनी नदी में रिवर व्यू के लिए ये योजना बनायी गयी है, स्थानीय सभासद ने हमसे इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग के सामने मामले को रखा गया है, अगर खम्बे बरसात में जलस्तर में बढ़ने पर बहने वाली स्थान पर लगे हैं तो उन्हे हटा लिया जायेगा। 
मनोज सती, अधिशासी अधिकारी, विद्युत विभाग। 
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