रूद्रप्रयागः तो आबकारी इंस्पेक्टर पर मारपीट के आरोप थे झूठ!

रूद्रप्रयागः तो आबकारी इंस्पेक्टर पर मारपीट का आरोप थे झूठ! 
सत्यपाल सिंह नेगी/रूद्रप्रयाग। 
आबकारी विभाग द्वारा बीते 20 सितम्बर को सौंराखाल में चंढीगढ़ ब्राण्ड की 11 बोतल अवैध शराब के मामले में नया मोड़ आया है, चंढीगढ़ ब्राण्ड की 11 बोतल अवैध शराब के साथ पकड़े गये आरोपित राकेश नेगी ने अपनी ही शिकायत को झूठ करार दे दिया है, आपको बतादें कि उक्त मामले में आरोपी ने पहले कहा था कि उसके पास मात्र 2 बातले आबकारी विभाग ने पकड़ी हैं, और आबकारी विभाग के अधिकारियो ने उसके साथ मारपीट की है, पूरे प्रकरण में आबकारी विभाग की तस्वीर एक विलेन की तरह पेश की गयी थी, जिसे लेकर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रयाऐं आई थी, लेकिन अब आरोपित ने डीएम रूद्रप्रयाग को भेजे पत्र में अपने आरोपों से किनारा कर लिया है। 


फोटोकापी- आरोपित द्वारा जिलाधिकारी को भेजा गया पत्र
आरोपित राकेश के पहले के बयानोें के आधार पर उसकी फोटो सहित ये प्रचारित किया गया था कि राकेश के पास मात्र 2 बोतल शराब मिली जिसपर आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा उसे मारा पीटा गया, जिसे कुछ लोगों द्वारा जमकर भुनाया जा रहा था, आरोपित ने इस सम्बन्ध में डीएम व एसपी से भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन अब मामले में नया मोड़ आया है, अब आरापी ने डीएम रूद्रप्रयाग को पत्र साथ ही एसपी और जिला आबकारी अधिकारी को पत्र की प्रतिलिपी भेजकर 11 बोतल शराब पकड़ने पर आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा मारपीट व गाली गलौच करने के अपने ही अरोपों को झूठ करार दिया है। 


आरोपित ने पत्र में लिखा है कि जो जो उसने शिकायत की थी वो गलत थी, जिसे वो वापस लेना चाहता है, और भविष्य में वह इस प्रकार की शिकायत नही करेगा। पूरे प्रकरण में एक बात तो साफ है कि क्या आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब पर कार्यवाही के बाद इस तरह के झूठे आरोप लगाने वालों पर कार्यवाही नही होनी चाहिए ताकि अधिकारी अपने कार्यवाहीयों को निडर होकर अंजाम दे सकें। 

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