रूद्रप्रयाग में अधिकारी उड़ा रहे आचार संहिता की धज्जियाॅ! नामांकन कक्ष में ही लगा दी नेताओं की फोटो..

रूद्रप्रयाग में आचार संहिता का खुला उल्लंघन! नामांकन कक्ष में नेताओं की फोटो लगाना आचार संहिता का उल्लंघन नही-सीडीओ
आचार संहिता की धज्जियाॅ!
रूद्रप्रयाग। अब इसे सत्ता की हनक कहें कि अधिकारियों का कम ज्ञान, लेकिन ये 100 प्रतिशत सत्य है कि या तो रूद्रप्रयाग के अधिकारियो का आचार संहिता का ज्ञान नही है या फिर सत्ता के हनक के आगे नतमस्तक अधिकारी चुनाव आचार संहिता को अपने ढ़ग से तोड़ मरोड़कर पेश करना चाह रहे हैं 


जी हां रूद्रप्रयाग में यही कारण है कि चुनाव आचार संहिता पंचायत चुनाव में दम तोड़ती हुई नजर आ रही है, गजब तो ये है कि ये आचार संहिता कही और नही बल्कि वहां तोड़ी जा रही है जहाॅ से से पूरे विकासखण्ड का चुनाव संचालन हो रहा है, जी हां हम बात कर रहे हैं रूद्रप्रयाग की जहां अगस्तमुनि में मंदाकिनी विकासखण्ड़ में आचार संहिता की धज्जियाॅ उड़ रही हैं, नामांकन कक्ष में ही नेताओं की तस्वीरें इस बात का गवाह हैं कि अधिकारियों को पंचायत चुनाव में आचार संहिता नही बल्कि सरकार संहिता लागू रखना जरूरी है।
आचार संहिता की धज्जियाॅ!


रूद्रप्रयाग के मंदाकिनी विकासखण्ड़ में नामांकन कक्ष में पिछले दो दिनो से नेताओं की तस्वीरों के सामने ही पंचायत के लिए नामांकन पत्र दिए जा रहे हैं, लेकिन जिले के उप जिला निर्वाचन अधिकारी एस0एस0 चौहान खुद इसे आचार संहिता का उलंघन नही मानते, नामांकन कक्ष में सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधायक भरत चौधरी, पूर्व प्रमुखों व क्षेत्र पंचायत सदस्यो की दर्जनों की संख्या में फोटों लगी हुई हैं, इस फोटों के सामने ही पंचायत प्रत्याशियों को नामांकन फार्म लेने हैं 


ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों के मन में फोटो फ्रेम में छाए नेताओं का रूतबा क्या रहेगा, और विरोधी दलों के नेताओं का मनोबल कितना गिर सकता है ये आप खुद ही सोच लिजिए। लेकिन उप जिला निर्वाचन अधिकारी साहब हैं कि उन्हें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का ज्ञान ही नही है या फिर वह उसे जानबूझ कर नजरअन्दाज कर देना चाहते हैं, विकासखण्ड़ मुख्यालय के नामाकंन कक्ष में पहुचे पत्रकारों ने इस पर अधिकारियों को जवाब पुछा तो सभी जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध ली, और अब बताया जा रहा है कि सभी फोटोंज को नांमाकन कक्ष से आपाधापी में हटा दिया गया है।

खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇