पहाड़ी खबरनामा के संपादक हरीश थपलियाल से जनरल बिपिन रावत की खास-बातचीत!
हरीश थपलियाल/ उत्तरकाशी।
गंगोत्री धाम दर्शन के बाद लौटे थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत अपने ननिहाल थाती गांव पँहुचें, जो उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक के धनारी पट्टी के अंतर्गत आता है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत जब थाती गांव पँहुचें तो ग्रामीणों के स्वागत से वे बड़े भावुक हुए। जहां उन्होंने अपने ममकोट के रिस्तेदारों से मुलाकात कर उनका आभार जताया।पहाड़ी खबरनामा पोर्टल के नाम उन्हें बड़ा अच्छा लगा, पहाड़ी खबरनामा के सम्पादक से खास बातचीत में उन्होने बताया कि उत्तरकाशी व पहाड़ के यूवाओं को सेना में ज्यादा से ज्यादा भर्ती करवाने के लिए वो प्रयास करेंगें।
शुक्रवार की सुबह साढ़े नौ बजे मातली हेलीपैड से कार के जरिये जनरल बिपिन रावत अपनी पत्नी के साथ उत्तरकाशी से 35 किलोमीटर दूर डुंडा ब्लाक के थाती गांव पहुंचे। थाती गांव में उन्होंने सबसे पहले राजराजेश्वरी देवी के मंदिर में पूजा अर्चना की। वहां से अपने ननिहाल पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने जनरल बिपिन रावत का भव्य स्वागत किया। जनरल बिपिन रावत अपने नाना के पैतृक पांच मंजिला भवन पंचपुरा में भी गए, जो अब जीर्णशीर्ण स्थिति में हैं। इसके अलावा वह अपने ममेरे भाई नरेंद्र सिंह परमार के घर में गए।
वहां जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी परिवार के सभी सदस्यों से मिले और उन्हें उपहार दिए। इस मौके पर उन्होंने उड़द दाल की पकौड़ी और स्वाले खाए। इस अवसर पर जनरल बिपिन रावत ने अपने बचपन की कुछ तस्वीरें भी देखीं, जो अभी तक थाती गांव के लोगों ने संभालकर रखी हैं। इस अवसर पर जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ननिहाल में जो उनका स्वागत हुआ उससे वह धन्य हो गए हैं।
पहाड़ी खबरनामा के संपादक हरीश थपलियाल से उन्होंने खास बातचीत में कहा कि उत्तरकाशी से मेरा खासा लगाव है। उत्तरकाशी के लोगों का सेना में दशकों से योगदान रहा है। आने वाले समय मे यहां के कर्मठ नौजवान भारतीय सेना में शामिल हो सके, इसके लिए जल्द प्रयास होंगे।
