मुम्बई से तीन साल से लापता हैं रूद्रप्रयाग के जितेन्द्र! दर-दर गुहार लगा रही गरीब मां..
अनिल सिंह/जखोली।
रूद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखण्ड़ के बुढ़ना गांव के जितेन्द्र कुमार को मुंबई के नासिक से गायब हुए पूरे 3 साल हो चुके हैं, लेकिन तीन सालों के बाद भी जितेन्द्र कुमार का कोई पता नही चल पाया है, लापता बेटे की आस में गरीब मां अभी भी इस आशा में ही कि कभी न कभी अपने बेटे की खुशामदी की खबर उस तक पहुचेगी, और वह अपने लाल को दोबारा देख पायेगी।
जी हां ये कहानी है रूद्रप्रयाग के बुढ़ना निवासी 22 वर्षीय जितेन्द्र कुमार की, गरीब अनुसूचित जाति के जितेन्द्र कुमार की पारिवारिक मजबूरी ही थी कि मात्र 22 साल की छोटी उम्र में उसको अपने छोटे भाई सुरेन्द्र कुमार के साथ मुंबई के होटलों में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन निहती को शायद ये भी मंजूर नही था, और तीन साल पहले एक दिन अचानक मुंबई के नासिक से होटल के लिए निकले जितेन्द्र अचानक गायब हो गया, किसी को कोई खबर नही लगी कि आखिर जितेन्द्र गया तो गया कहां, जितेन्द्र के परिजनों और दोस्तों के दिमाग में आज भी एक ही सवाल बार-बार कौंध रहा है कि क्या जितेन्द्र किसी अनहोनी का शिकार तो नही हो गया या फिर वह अपनी मर्जी से ही किसी के साथ चला गया।
जितेन्द्र की माताजी छंछरी देवी का कहना है कि तीन साल पहले उस समय नोटबन्दी का दौर था जब उनके बेटे जितेन्द्र के लापता होने की खबर अचानक उन तक पहुची थी, उस समय से अब तक हर दिन हर पल वो जितंेन्द्र के मिलने की आस पाली हुई हैं, लेकिन पता नही भगवान कब उन पर मेहरबान होंगे और जितेन्द्र को वो देख पायेंगी। जितेन्द्र की मां ने बताया कि जितेन्द्र का एक मित्र भी था जिसका नाम अन्ना था, उन्हे शक है कि अन्ना ही जितेन्द्र को अपने साथ या तो कहीं ले गया होगा या फिर जितेन्द्र को गायब करने में उसी का हाथ होगा।
डीएम से भी लगा चुकी गुहार!
जितेन्द्र की माताजी छंछरी देवी का कहना है कि जितेन्द्र के बारे में तमाम जगहों पर खोजखबर करने के बाद बड़ी आशा के साथ वो रूद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल से मिलकर उनसे भी अपने बेटे को खोजने के लिए गुहार लगा चुकी हैं, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कुछ समय पहले बुढना में लोक अदालत लगाई थी जिसमें जितेन्द्र की मां भी अपने बेटे को खोजने की फरियाद लेकर गयी थी, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने भी जितेन्द्र को खोजने के लिए हरसम्भाव मदद करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस पर कोई पहल हुई हो ये जानकारी जितेन्द्र की मां को नही है।
