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| फोटो परिचय- तुंगनाथ घाटी के चोपता में कूड़ा कबाड़ के साथ प्लास्टिक की बिसलेरी की बोतलों का जमावड़ा। |
ऊखीमठ। देश भर में जहाॅ मोदी सरकार स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता पर लेकर चल रही है, वही तुंगनाथ घाटी के चोपता के बुग्यालों में स्वच्छता अभियान दम तोड़ता हुआ नजर आ रहा है, चोपता के बुग्यालों का दिदार करने रोजाना देश विदेश के सैकड़ो पर्यटक आते है वही तुंगनाथ में भी दर्शन करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुचते हैं पर्यटन ओर तीर्थाटन जरूर बढ़ रहा है लेकिन बुग्यालों की ये दशा देख हर किसी का मन कंुठित हो जाता है।
देश भर में चल रहे स्वछता अभियान के चलते चोपता में कूड़ा कबाड़ व प्लास्टिक की बिसलेरी बोतलों का जमावड़ा लगा हुआ है। ऐसे में तुंगनाथ धाम जाने वाले रास्तों में भी ये भरे पड़े हैं, प्लास्टिक की बोतलों से जहाॅ पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है वही श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भी इसका अच्छा मैसेज नही जा रहा है, जिलाधकारी मंगेश घिल्डियाल खुद व प्रशासन कई बार स्वयं चोपता में स्वच्छता को लेकर अभियान चला चुके हैं यही नही डीएम मंगेश धिल्डियाल का खुद नाले को साफ करने वाला विडियो भी कुछ दिनों पूर्व वाइरल हुआ था, लेकिन इससे भी कई लोग प्रेरित होते नही दिख रहे हैं, ओर इन सबके बावजूद भी कई लोग बुग्यालों ओर तुंगनाथ के टैªक पर इस तरह कूड़ा डाल देते हैं, जिसका कोई निस्तारण नही होता है।
प्रशासन ने बुग्यालों में कूड़ा डालने पर जुर्माना भी निश्चित किया है लेकिन उसको भी कोई असर नही दिख रहा है, ऐसे में इस गम्भीर विषय पर नई रणनीति से काम करने की आवश्यकता है, जिससे गन्दगी और प्लास्टिक से बुग्यालों को बचाया जा सके।
