रूद्रप्रयाग- प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए भर दिया झूठा शपथपत्र! अब शिकायत के बाद बन रहा शौचालय..

गजबः प्रधान के चुनाव लड़ने के लिए भर दिया झूठा शपथपत्र! अब शिकायत के बाद बन रहा शौचालय..
प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए भर दिया झूठा शपथपत्र
फोटो- शिकायत के बाद अब शौचालय निर्माण करवाता प्रधान प्रत्याशी
रामरतन सिंह पंवार/जखोली। 
पंचायतो मे चुनाव लड़ने के लिए न जाने उम्मीदवार क्या क्या हथकंडे अपना रहे है यानी नामांकन पत्रो पर झूठे शपथ पत्रो को लगाया जा रहा है, और अब इन घोषणा पत्र मे लिखे गये झूठ का सच बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ऐसे में अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या जिला निर्वाचन अधिकारी ऐसे में मामलों में कार्यवाही करेंगे। 

जखोली के अन्तर्गत भरदार पट्टी के ग्राम पंचायत क्वीलाखाल मे प्रधान पद हेतु तीन नामांकन भरे गये थे जिसमें सुनीता देवी पत्नी सोहन प्रकाश भट्ट, ऋषिता भट्ट पत्नी गजेन्द्र भट्ट तथा मनीषा देबी पत्नी गब्बर सिह ने प्रधान पद के लिये नामांकन करवाया है, जिसमे कि प्रपत्रो की के जांच के दौरान ऋषिता भट्ट व मनीषा देबी का नामंकन उम्र के अभाव के कारण निरस्त किया गया है। इन दोनो के नामंकन रद्द होने के बाद सुनीता देवी पत्नी सोहन प्रकाश भट्ट का नामंकन पत्र सही पाया गया है ऐसे में उनका निर्विरोध प्रधान बनना तो लगभग तय दिख रहा है लेकिन अब तीन में से दो नामंकन रद्द होने के बाद अब नया मामला प्रकाश में आया है, बताया जा रहा है कि सुनीता देवी पत्नी सोहन प्रकाश भट्ट ने भी शपथ पत्र में गलत जानकारी देते हुए अपने घर में शौचालय होने का झूठा शपथपत्र दिया है, जबकि उनके घर में शौचालय है ही नही।  

ग्रामीण गजेन्द्र भट्ट ने सुनीता देवी का शौचालय न होने के संबन्ध मे निर्वाचन अधिकारी (जिलाधिकारी) रूद्रप्रयाग से शिकायत की है, गजेन्द्र भट्ट का कहना है कि सुनीता देवी पत्नी सोहन प्रकाश भट्ट के घर में कोई शौचालय नही है, जबकि सुनीता देवी ने अपने नामंकन पत्र मे शौचालय से संमधित झूठा शपथपत्र लगाया था। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार भी सुनीता देवी का परिवार लगभग बीस सालो से देहरादून मे अपना आवास बना के रह रहे हैं गांव का मकान खंडहर मे तब्दील हो गया है। जब मकान ही नही तो शौचालय कहाँ से होगा। ऐसे में सोहन प्रकाश भट्ट पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी मात्र बीते तीन महीनों से ही कर रहे थे, इस दौरान उन्होने गांव मे निर्वाचन सूची मे नाम भी डलवाया, राशन कार्ड आदि कागजात बनाये लेकिन शौचायल नही बना पाए। 

गजब की बात यह है कि सोहन प्रकाश भट ने शिकायत के बाद शौचालय बनाने की कबायद शूरू कर दी, वैसे इस मामले में निर्वाचन अधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिये थे, जिसके बाद 26 सितंबर को पंचायत मंत्री व एक मनरेगा कर्मी जांच के लिए सोहन प्रकाश के गांव क्वीलाखाल गये लेकिन प्रधान उम्मीदवार रातो रात कुछ टीन के चदरे शौचालय निर्माण हेतु ले आए, लेकिन जांच तक शौचालय निर्माणाधीन ही पाया गया। ऐसे में अब देखना यह होगा कि अब इस मामले मे ंनिर्वाचन अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं या फिर ये मामला धीरे धीरे ठण्डे बस्तें में चला जाता है। 

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